कोरोना के कहर के बीच रूस से राहत की खबर 

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले के बीच एक राहत की खबर है रूस की एंटी कोविड-19 वैक्सिंग का फर्स्ट बैच इस महीने के अंत तक भारत पहुंचेगा रूस में भारत के उच्च आयोग वाला वेंकटेश ने जानकारी दी थी रूसी news  एजेंसी कंपनी इस महीने के अंत तक पहला शिपमेंट पहुंचा देगी

इसके बाद मई में इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा और धीरे-धीरे इसका इसे बढ़ाया जाएगा भारत में वैक्सीन का प्रोडक्शन धीरे धीरे बढ़ाया जाएगा और इसे बढ़ाकर 50000000 डोज़ प्रति माह किया जाएगा

इससे पहले भारत में रूस के डिप्टी एन वाय रोमल बाबू स्किन ने कहा था  कि भारत की तरफ से स्पूतनिक वैक्सीन को इमरजेंसी यूज़ के लिए मंजूरी दोनों देशों के विशेष भागीदार को एक नए आयाम पर पहुंचाएगी

इससे पहले भारत में कोरोना वैक्सीन से जुड़ी रूस की स्पूतनिक वी वैक्सीन को मंजूरी दे दी थी कोरोना वैक्सीन के खिलाफ स्पूतनिक वैक्सीन को मंजूरी देने वाला भारत दुनिया का साठवां देश बना फेस फ्री ट्रायल के अंतिम नतीजों में स्पूतनिक बी वैक्सीन को एफीकेसी 91.6 परसेंट पाई गई बताया जा रहा है

कि स्पूतनिक वीक ट्रायल डेटाबेस के जाने के बाद से भारत में मंजूरी दी गई भारत में स्पूतनिक वी ने लैब के साथ मिलकर ट्रायल किया है उसी के साथ एक्शन भी चल रहा है ऐसे में वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद भारत में वैक्सीन की कमी की शिकायत दूर होने की उम्मीद की जा रही है

 

 भारत में कोरोनावायरस का दैत्य अवतार

दोस्तों देश में कोरोना तेजी से पांव पसार रहा है लेकिन अब एक्सपर्ट ने जो रिपोर्ट जारी की है खौफ का माहौल क्रिएट कर रहे हैं दरअसल महाराष्ट्र देश के कई राज्यों में जीवन अनुक्रमण विशेषज्ञ ने दावा किया है कि इस साल जनवरी और मार्च के बीच कोरोना के 361 नमूनों में से 61 फ़ीसदी डबल म्युटेंट वाले देखे हैं

यह वायरस तेजी से जिस वजह से पांव पसार रहा है उसके पीछे एक बड़ा कारण है इन 361 नमूनों में से इनकी जांच महाराष्ट्र में जीवन अनुक्रमण प्रयोगशाला में की गई वही कोरोनावायरस को लेकर नीति आयोग के सदस्य डॉ मोटर पालने पूरे 4 हफ्ते बेहद अहम् बतायें हैं 

 

 अप्रैल में देश में मचाने वाला है हाहाकार

Iit  कानपुर की टीम ने टीम के आधार पर बताया है कि देश में कोरोनावायरस 20 से 25 अप्रैल के बीच अपनी ऊंचाई पर होगी इस टीम के सदस्य आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि कोरोना की वैल्यू 200000 नए संक्रमण की चौकी अप्रैल को ही आ चुकी है हमने 20 से 25 अप्रैल के यह आंकड़ा आने के उम्मीद जताई थी

ऐसे में पीक वैल्यू बदलती जा रही है यह पीक वैल्यू को लेकर उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस ली वेशेसताओं को ध्यान में रखकर इसे इसे में रोजाना के संक्रमण डाटा के अलावा आरक्षण वाले मामलों पाबंदियों वाली स्थिति को ध्यान में रखें

25 अप्रैल के बाद देश में एक्टिव केस कम होने लगेंगे और मई के अंत तक स्थिति बेहतर होने लगेगी देश के बड़े राज्यों में अपील 20 से 25 अप्रैल के बीच ही रहेगी प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा लहर पिछले लहर से मायने में रोजाना दर्ज की जा रही मौत मैं इस बार संक्रमण होने की दर के मुकाबले कम है

फरवरी के बाद जब लगने लगा संक्रमण खत्म हो गया और वैक्सीन भी आ गई तो सब बाहर आ गए इससे संक्रमण तेजी से बढ़ गया रिसर्च टीम के मुताबिक संक्रमण की पहुंच बीते 2 महीने में 20 फ़ीसदी तक बढ़ी है इसमें  मामले तेजी से बढ़े हैं पिछली लहर में 1000 मौतें तब हुई थी जब देश में एक लाख के आ रहे थे

वही 1 दिन में इस बार 1 दिन में एक लाख से ऊपर मामले सामने आ रहे हैं मगर संक्रमण से मौत 1000 से करीब हुई हैं लॉकडाउन से क्या इस घर को थामा जा सकता है इस पर उन्होंने कहा कि संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ चुका है इसलिए lockdown का अब उतना फायदा नहीं होगा जितना पहली लहर में हुआ था मास्क और उचित दूरी ही बचाव है 

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