वैज्ञानिको ने किया दावा: ब्रम्हाण्ड का विस्तार हो रहा है

दोस्तों हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमे सहारा रेगिस्तान के लगातार विस्तार करने का दावा किया गया था लेकिन इस बार एक और रिपोर्ट सामने आई है जिसमे लोगो के साथ साथ वैज्ञानिक को भी सत्ते में साल दिया है.

और यह दावा जमीन या असमान को लेकर नहीं किया गया है बल्कि यह दावा ब्रम्हाण्ड को लेकर लिए गया है दरअसल ताज़ा रिपोर्ट के जरिये जो दावा किया गया है उसके अधर पर कहा गया है की ब्रम्हाण्ड लगातार विस्तार हो रहा है आज हम आपको इसी दावे को बताना जा रहे हैं|

 

ब्रह्मांड के विस्तार का नया दवा

दरअसल अलग-अलग देश के अलग-अलग स्पेस एजेंसी लगातार ब्रह्मांड पर शोध कर रहे हैं जिसमें कई अलग-अलग वैज्ञानिक दिन रात लगे हुए हैं और सबकी अपनी अलग-अलग थीउरी  है इसी बीच एक अलग थीउरी  ने लोगों को सक्ते में डाल दिया है तो वह वैज्ञानिकों के बीच मतभेद की वजह बन गया है.

दरअसल कहा जा रहा है कि ब्रह्मांड का लगातार विस्तार हो रहा है हालांकि अब तक यह कोई नहीं समझ सका है कि यह कितनी तेजी से हो रहा है कम से कम इसे लेकर एक मत नहीं बन सका इसलिए यह एक बड़ी पहेली बन चुका है.

दरअसल इस विस्तार को समझने के लिए हर्बल कंस्ट्रक्ट के अलग-अलग मिलने के कारण ऐसी विवाद की स्थिति बनी हुई है हालांकि अब वैज्ञानिकों को ऐसे संकेत मिले हैं जिससे सवाल का जवाब मिल सकता है ब्रह्मांड में जब ब्लैक होल और मिउट्रोंन स्टार आपस में टकराते हैं.

तो उससे निकलने वाले गुरुत्वाकर्षण की तरंगे ओव्जर्व  की जा सकती हैं आम टेलीस्कोप को यह नहीं दिखती हैं लेकिन डिटेक्टर इन्हें डिटेक्ट कर सकते हैं ऐसी ही एक ऑपरेशन के आधार पर वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है.

कि ब्रह्मांड के विस्तार को समझा जा सकेगा दरअसल जैसे-जैसे ब्रह्मांड का विस्तार होता है लिसेस इस धरती से दूर होती जाती है यह जिस गति से धरती से दूर होती हैं वह उनके और धरती के दूरी पर निर्भर करता है.

इनके बीच के संबंध को हबल कांस्टेंट कहा जाता है इसे सबसे पहले 1920 में अमेरिकी एस्ट्रोलॉजर एडमिन हवन के केलकुलेटर ने किया था इसलिए उनके नाम पर इसे रखा गया है.

कई रिसर्च ने सिफिड्स  सितारों की चमचमआहट के आधार पर हबल कांस्टेंट को सटीकता से नापा है लेकिन एक दूसरे तरीके से बिगबैंग के 800000 साल बाद पैदा हुई रोशनी के आधार पर दूसरी वैल्यू निकली है इसकी वजह से वैज्ञानिकों के बीच एकमत नहीं बन पा रहा है|

 

 ब्रह्मांड के विस्तार पर जारी है वैज्ञानिकों की इन्वेस्टिगेशन

एनसन मेनिया की ट्रस्टी के विजिटर्स ने सोराब होरियां ने  लाइफ साइंस को बताया कि किया गुरुत्वाकर्षण तरंगे हबल स्टेंट पर अलग रूप देती हैं जब यह विशाल ब्लैक होल और निउट्रोंन सितारे आपस में टकराते हैं तो गुरुत्वाकर्षण तरंगे निकलती हैं.

साल 2015 में अमेरिका की लेजर इंटरफेयरोमीटर ग्रेविटी और उसके यूरोपियन साथी वीग्रो ने ऐसे सिग्नल डिटेक्ट करने की कोशिश की है वैज्ञानिक इन की ध्वनि से कैलकुलेट करते हैं कि यह टक्कर कहां पर हुई होगी कई बार इस से निकलने वाली रोशनी टेलीस्कोप पर दिखती हैं जिससे यह पता लगाया जा सकता है.

कि यह कितनी तेज जा रहे हैं साल 2017 में जब पहली बार फून निउट्रोंन सितारों के टकराने से ऐसा सिग्नल लिगु ने डिटेक्ट किया था तो  फिजिसिस्ट ने हबल कांस्टेंट की वैल्यू कैलकुलेट की हालांकि इसमें गलती गुंजाइश कुछ ऐसी है जो सितारों के चमकने और सी एम जी से मिले सितारों से मिलती जुलती है माना जा रहा है.

कि कम से कम ऐसी 50 और घटनाओं के बाद एकदम सटीक हबल कांस्टेंट पाया जा सकेगा टॉर्च स्ट्रेंज की मदद से ऐसा जल्दी हो सकता है दरअसल यह रोशनी की चमक से नहीं जुड़े होते हैं माना जाता है कि अगले 5 साल में इसके डिटेक्ट में इन तरंगों के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाई जा सकेगी|

 

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