5 July Chandra Grahan 5 जुलाई को लगेगा साल का तीसरा चंद्रग्रहण

5 July Chandra Grahan दोस्तों वैसे तो इस वक्त पूरी दुनिया ग्रहण में ही जी रही है पूरी लाइफ पर कोरोना ने ग्रहण लगा दिया है पहले दुनिया की इकनोमि ग्रहण के आगोश में थी और अब हर तरफ चीन के दादागिरी ने एक नया ग्रहण लगा दिया है.

 

लेकिन इस बीच धरती एक और ग्रहण झेलने वाली है और वो है चंद्रग्रहण, पुरे साल में अलग अलग 6 ग्रहण को ले कर आये साल 2020 का जुलाई महीना एक और ग्रहण का गवाह बन रहा है.

 

5 जुलाई को लगेगा साल का तीसरा चंद्रग्रहण

इस बार 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है और इससे ठीक एक महीने पहले 5 जून को चंद्रग्रहण और 21 जून को सूर्यग्रहण लगा था और अब 5 जुलाई को फिर से चंद्रग्रहण लग रहा है.

 

ये अपने साथ छोटे बड़े कई प्रभाव ले कर आएगा रविवार के दिन इस साल का तीसरा चंद्रग्रहण लगने जा रहा है एक महीने के अंदर ही लगने वाला ये तीसरा ग्रहण है ये ग्रहण वास्तविक चंद्रग्रहण न हो कर एक उपछाया चंद्रग्रहण होगा|5 July Chandra Grahan

 

यह चंद्रग्रहण उपछाया चंद्रग्रहण होगा

उपछाया चंद्रग्रहण को धार्मिक लिहाज से बहुत ज्यादा मान्यता नहीं दी जाती है 5 जुलाई को लगने वाला उपछाया चंद्रग्रहण सुबह 8:37 AM मिनट पर सुरु होगा और 11:22 AM मिनट पर समाप्त हो जाएगा|

 

चंद्रग्रहण लगने का समय

ग्रहण की कुल अवधि 2 घंटे 43 मिनट और 24 सेकंड के लगभग होगी 2017 के बाद गुरु पूर्णिमा के दिन ये चंद्रग्रहण लगने जा रहा है हलाकि ये उपछाया चंद्रग्रहण होगा इसका चंद्रमा के आकार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा मतलब चंद्रमा हमेसा की तरह ही नजर आएगा|

 

इस साल में अब तक लग चुके हैं 6 ग्रहण  कहा कहा देखा जा सकेगा इस चंद्रग्रहण को

इससे पहले जून महीने में 5 जून को चंद्रग्रहण लगा था इसके बाद 21 जून को सूर्यग्रहण और एक बार फिर से चंद्रग्रहण लग रहा है भारत में चंद्रग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा इस चंद्रग्रहण को यूरोप ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बड़े हिस्से में आसानी से देखा जा सकेगा.5 July Chandra Grahan

 

ग्रहण काल में चंद्रमा कही से कटा हुआ होने के बजाय अपने पुरे आकार में नज़र आएगा ग्रहण काल के दौरान चंद्रमा धनु राशी में होंगे जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो सूर्य की पूरी रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है इसे चंद्रग्रहण कहते हैं|5 July Chandra Grahan

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कैसे लगता है चंद्रग्रहण ?

जब सूर्य पृथ्वी और चंद्रमा एक सरल रेखा में होते हैं तो चंद्रग्रहण की स्थिति होती है चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की रात में ही होता है एक साल में अधिकतम तीन बार पृथ्वी की उपछाया से चंद्रमा गुजरता है तभी चंद्रग्रहण लगता है.

 

आखिर क्यों लगता है चंद्रमा को ग्रहण ?

चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बिच आ जाती है और जब चंद्रमा धरती की छाया से निकलता है तो चंद्रग्रहण पड़ता है जब पृथ्वी सूर्य की किरणों को पूरी तरह से रोक लेती है तो उसे पूर्ण चंद्रग्रहण कहते हैं.5 July Chandra Grahan

 

लेकिन जब चंद्रमा का सिर्फ एक भाग छिपता है तो उसे आंशिक चंद्रग्रहण कहते हैं जोतिष्य विज्ञानं की माने तो यह साल का तीसरा चंद्रग्रहण भी अपने आप में कई रहस्यों को समेटे हुए है.

 

यह चंद्रग्रहण साल 2020 का तीसरा चंद्रग्रहण है जो की उपछाया है उपछाया के बारे में कहा गया है की इस तरह का चंद्रग्रहण तब लगता है जब सूर्य और चाँद की बीच पृथ्वी आती है लेकिन तीनो एक सीध में नहीं होते है.

 

ये एक लाइन में सीधे नहीं होने की वजह से चाँद की छोटी सी सतह पर छाया नहीं पड़ती है जबकि चन्द्रमा के बाकी हिस्सों पर पृथ्वी के बाहरी हिस्से की छाया लगातार पड़ती रहती है इसे ही उपछाया कहा जाता है|5 July Chandra Grahan

 

गुरु पूर्णिमा और चंद्रग्रहण का अनोखा संयोग

आसाढ़ महीने के पूर्णिमा को गुरुपूर्णिमा कहा जाता है इस दिन चारो वेद और महाभारत के रचैता कृष्ण गोपायन व्यास का जन्म हुआ था वेदों की रचना करने की वजह से इन्हें वेद व्यास भी कहा जाता है वेद व्यास के सम्मान में आसाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है.

 

इस दिन गुरुओ की पूजा की जाती है इस बार गुरुपूर्णिमा 5 जुलाई को पड़ रहा है इसी दिन चंद्रग्रहण भी है गुरु का मतलब शिक्षक ही नहीं बल्कि गुरु माता पिता भाई बहन दोस्त किसी भी रूप में हो सकते हैं.5 July Chandra Grahan

 

जिनका नाम सुनते ही सम्मान का भाव जगे उसे आप गुरु कह सकते हैं गुरु पूर्णिमा के दिन वैसे तो कई कार्यक्रमों का आयोजन होता है लेकिन इस बार कोरोना की वजह से मंदिर और मढ़ सुमसान हैं क्यू की सरकार ने सभी तरह के धार्मिक आयोजन पर रोक लगा रखी है|

 

ग्रहण महज एक खगोलीय घटना है

एक महीने के अंतराल में ये दूसरा चंद्रग्रहण है 30 दिनों के अंदर दो या दो से ज्यादा ग्रहण का होना किसी भी हालत में सुभ नहीं माना जाता है हालाकि आधुनिक विज्ञान इसे समान्य खगोलीय घटना की तरह देखता है पर जोतिष्य विज्ञानं की अपनी अलग मान्यता है|5 July Chandra Grahan

 

5 जुलाई के बाद कब कब और किस साल में पड़ेगा ग्रहण

5 जुलाई के चंद्रग्रहण के बाद 30 नवम्बर को साल का चौथा चंद्रग्रहण होगा इसके बाद 7 सितम्बर 2025 को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा आम तौर पर एक साल में 4 ग्रहण लगते हैं.

 

इनमे दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण होते हैं पर कभी कभी इससे ज्यादा भी ग्रहण लग जाते हैं साल 2024 में तीन चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण लगेंगे यही कर्म 2027 में होगा 2029 में कुल 4 सूर्यग्रहण और 2 चंद्रग्रहण होंगे.5 July Chandra Grahan

 

वैसे तो ये एक खगोलीय घटना है लेकिन जोतिस्य को मानने वाले इसका अलग अलग प्रभाव मानते हैं उम्मीद है की इस ग्रहण से धरती पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा और हम सभी को कोरोना से जल्द ही छुटकारा मिलेगा|

 

5 जुलाई को चंद्रग्रहण पर क्या होगा खास: दोस्तों उम्मीद है की आप लोगो को इस 5 जुलाई को पड़ने वाले चंद्रग्रहण के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी और हम आशा करते है की आप को हमारे द्वारा दी गयी यह जानकारी पसंद आई होगी.

 

और दोस्तों अगर आप को यह जानकारी पसंद आई है तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को जरुर शेयर करे मिलते है अगली पोस्ट में तब तक ले लिए नमस्कार !

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