Black Hole | धरती के निचे मिला ब्लैक होल वैज्ञानिक हैं हैरान

Black Hole अंतरीक्ष हमेशा से इंसानों के लिए रहस्यों की खान रहा है वैज्ञानिक जितनी उसकी परत खोलते हैं उनका आश्चर्य और अंतरिक्ष का रहस्य उतना ही गहराता जाता है NASA समेत दुनिया की कई स्पेस एजेंसी लगातार अंतरिक्ष में मौजूद रहस्यों का पता लगाने में लगी रहती हैं.

 

ताकि कुछ ऐसी बाते पता चल सके जिससे अंतरिक्ष के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सके वैज्ञानिक अंतरिक्ष को समझने की लगातार कोशिश करते रहते हैं इन तमाम रहस्यों में सबसे बड़ा रहस्य है ब्लैक होल,

 

वैज्ञानिको के लिए ब्लैक होल  एक ऐसी पहेली है जो अंतरिक्ष के तमाम सवालों में सबसे कठिन मानी जाती है क्यों की इसके बारे में हमे कभी कोई सुराग नहीं मिलता है लेकिन वैज्ञानिको ने धरती के सबसे करीब एक Black Hole को खोज लिया है.

 

दोस्तों इस Black Hole की खोज होने के बाद अब कई सारे रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा आप भी बने रहिये हमारे साथ हम आप लोगो के लिए रहस्य से भरे इस ब्लैक होल  के बारे में बतायेंगे|

 

वैज्ञानिको ने धरती के करीब खोजा ब्लैकहोल

वैज्ञानिको को अंतरिक्ष की दुनिया में एक और बड़ी सफलता मिल गयी है यूरोपीय खगोल विदो ने धरती के सबसे करीब एक ब्लैक होल  का पता लगा लिया है ये ब्लैक होल  इतना नजदीक है की इसके पास चक्कर लगा रहे दो सितारे भी आसानी से देखे जा सकते हैं.

 

Black Hole करीब 1000 प्रकाश वर्ष दूर है धरती से

ये Black Hole करीब 1000 प्रकाश वर्ष दूर है और हर प्रकाश वर्ष 5.9 Trilion मील दूर है यूरोपियन साउदान अब्जरमेट्री के खगोल विद थॉमस ने कहा की ब्रम्हाण्ड और यहाँ तक की गैलेक्सी ये हमारे पडोस के अंदर है.

 

यूरोपीय एस्ट्रोनामर्स ने की ब्लैकहोल की खोज

ये शोध एस्ट्रोनोमी एस्ट्रोफिजिक्स पत्रिका में छापा गया है टेलिस्कोपियन तारामंडल में मिला ये Black Hole HR6819 सिस्टम का हिस्सा है ये Black Hole अपने आप में अदृश्य है लेकिन इसके दो चमकीले साथी तारे हैं.

 

जो इसके छिपने के स्थान को दूर करते हैं इससे पहले धरती पर जो Black Hole मिला था वो इससे तीन गुना अधिक दूर था इसका मतलब है की वो 3200 प्रकाश वर्ष की दुरी पर था अब इस Black Hole की खोज के बाद से ये संकेत मिल रहे हैं की वहा ऐसे और भी ब्लैक होल  मौजूद हैं.

 

 

दरअसल इस Black Hole को भी सैंयोग से ही खोजा गया खगोल विद HR6819 सिस्टम का अध्यन कर रहे थे वो इस दो तारो का सिस्टम देख रहे थे की उन्होंने पाया की इसमें एक तीसरा पिंड भी है उन्होंने देखा की दो तारे एक ही सिस्टम के रूप में ब्लैक होल  की पराक्रमा कर रहे हैं.

 

अध्यन के सह लेखक और शोधकर्ता डाईटीरिच वाढे का कहना है की उनकी टीम को 40 दिन के समय के आंकड़ो का अवलोकन करना था जो कई महीनो का काम था आम तौर पर Black Hole उनके आस पास की गैस और धुल को देखते हुए खोंजे जाते हैं.

 

जब Black Hole से ये पदार्थ टूट कर बिखरते हैं तो बहुत शक्तिशाली संकेत उत्सर्जित होते हैं जो टेलिस्कोप पकड़ लेते हैं लेकिन ये ब्लैक होल  बहुत ही अलग तरीके से खोजा गया है.

 

धरती के सबसे करीब इस Black Hole के मिलने से वैज्ञानिको में अंतरिक्ष के बारे में जानने की ललक और बड गयी है इस Black Hole से जुडी कई और ऐसी बाते हैं जो हम आप लोगो को बताएँगे.

 

लेकिन दोस्तों पहले हम आप लोगो को ये बता देते हैं की आखिर ब्लैक होल  होता क्या है और ये काम कैसे करता है|

 

Black Hole क्या होता है

Black Hole में नहीं काम करते भौतिकी के नियम

ब्लैक होल अंतरिक्ष में वो जगह होता है जहा भौतिक विज्ञानं का कोई नियम काम नहीं करता है इसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र बहुत शक्तिशाली होता है इसके खिचाव से कुछ भी नहीं बच सकता है.

 

Black Hole का शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण वाला इलाका

प्रकाश की किरणें भी यहाँ प्रवेश करने के बाद बाहर नहीं निकल पाती ये अपने उपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है Black Hole के चारो ओर एक सीमा होती है उस सीमा को घटना शितिश कहा जाता है.

 

उसमे उस्तुवे गिर तो सकती हैं लेकिन वापस नहीं आ सकतीं इसे देख कर ऐसा लगता है की मानो एक राक्षस पुरे ब्रम्हाण्ड में बिखरे हुए सितारों को निगल रहा है इस लिए इसे Black Hole कहा जाता है.

 

10 अप्रैल 2019 को वैज्ञानिको ने ब्लैक होल  की असली तस्वीर जारी की थी ये तस्वीर किसी कलाकार या कंप्यूटर ने नहीं बनाई थी बल्कि तस्वीर इवेंट होरिजोन टेलीस्कोप द्वारा ली गयी थी|

 

क्या है इवेंट होरिजोन टेलीस्कोप

इवेंट होरिजोन टेलीस्कोप को खास ब्लैक होल  की तस्वीत लेने के लिए ही बनाया गया है दुनिया भर में 6 जगहो पर ये टेलीस्कोप लगाये गये थे हवाई एरिज़ोना स्पेन मैक्सिको चिली और दक्षिणी ध्रु में लगे इन टेलीस्कोप को जोड़ कर एक बड़ा अभाषी टेलीस्कोप बनाया गया था.

 

हर एक टेलीस्कोप फ़ुटबाल पिच के बराबर का है इनको जोड़ कर बनाये गये अभाषी टेलीस्कोप का व्यास करीब 12 हजार किलो मीटर है इन टेलीस्कोप से मिले डाटा को बोस्टन की MIT और जर्मनी की बॉन शहर में मौजूद सुपर कंप्यूटर में स्टोर किया गया था ये दोना सेविटेरस और M87 Black Hole के ऊपर केन्द्रित थे और उनका डाटा इकठा कर रहे थे.

 

दोस्तों ये तो आप लोगो ने जान लिया की ब्लैक होल है क्या और साथ में या भी जान लिया की ये दिखता कैसा है आइये अब आप को बताते है की हाल ही में खोज किये गये धरती के सबसे करीब मिले Black Hole की कहानी,

 

डबल स्टार सिस्टम का हिस्सा है ये Black Hole

दरअसल वैज्ञानिको ने जिस Black Hole की खोज की है वो डबल स्टार सिस्टम का हिस्सा है जिन वैज्ञानिको ने इस ब्लैक होल की खोज की है उनकी माने तो जब उनकी टीम को ये पता चला की ये Black Hole के साथ पहला स्ट्रेलर सिस्टम है तो वो हैरान रह गये.

 

इसे कोई भी नंगी आँखों से देख सकता है उन्होंने कहा की ये हमारे इतना करीब है की इसके सितारों को दक्षिणी गोलार्ध से दूरबीन या दूरबीन के बिना एक अँधेरी साफ रात में देखा जा सकता है.

 

वैज्ञानिको को लगता है की इस ब्लैक होल  की खोज उन्हें एक और सिस्टम की ओर ले जा रही है जिसका अवलोकन चल रहा है फिलहाल वैज्ञानिक पूरी तरीके से अब इस ब्लैक होल  को समझने में जुट गये हैं.

 

ऐसा माना जा रहा है की आगे आने वाले समय में वैज्ञानिक इस ब्लैक होल  से जुड़े कई और राज दुनिया के सामने ला सकेंगे उम्मीद है की वैज्ञानिको की तरफ से इस ब्लैक होल  के बारे में और भी जानकारी मिलेगी और जैसे ही कुछ अपडेट आएगी हम अपने blog में इसके बारे में जरुर लिखेंगे|

 

धरती के निचे मिला Black Hole वैज्ञानिक हैं हैरान : दोस्तों आप को आज की हमारी यह पोस्ट या लेख कैसे लगी हमे कमेंट कर के जरुर बताये आज इस लेख के माध्यम से आप ने जाना की Black Hole क्या होता है और इसके क्या नुकशान हैं और हमारी धरती के सबसे नजदीक कौन सा ब्लैक होल  मौजूद है.

 

उम्मीद करते हैं की आज की इस पोस्ट से आप को काफी जानकारी मिली होगी ऐसे ही बने रहिये हमारे साथ मिलते है अगली पोस्ट में जहा पर हम आप को और किसी के बारे में जानकारी देंगे तब तक के लिए नमस्कार ! 

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