चाँद का जन्म कैसे हुआ How Tha Moon Was Born

चाँद का जन्म कैसे हुआ नवम्बर 1969 में Nasha के अपोलो मिसन के दौरान स्पेशिप में मौजूद Astronaut ने जानबूच कर चाँद  की सतह पर एक सेटेलाइट को टकरा कर एक होल बनाने की कोशिश की तो इसी दौरानजब उस सेटेलाइट और moon के बिच में टक्कर हुआ तब चाँद की सतह काफी लम्बे समय तक एक घंटे की तरह वाईब्रेट करने लगा और अगर ये बात सुच है तो यह तभी संभव हो सकता है जब वो चीज़ अंदर से पूरी तरह खोखला हो जैसे एक घंटा अंदर से खोखला होता है और ये तो हम सभी को पता है की ऐसी वाईब्रेसंस कभी भी एक सोलेड मटेरिअल में नहीं होता है चाँद का जन्म 

 

इस चाँद के बारे में यू तो हम इंसानों के पास बहोत सारी जानकारी है लेकिन इन जानकारी में से कुछ चीजों का पुख्ता सबूत हमारे पास नहीं है जैसे चाँद का निर्माण आखिर कैसे हुआ और इस चाँद के निर्माण को ले कर कुछ THEORY सामने आती है

 

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चाँद का जन्म कैसे हुआ How Tha Moon Was Born

1 –  The Fission Theory

चाँद का जन्म  इस THEORY के मुताबिक चाँद अतीत में धरती का ही एक हिस्सा था जो बाद में किसी बड़े उल्कापिंड के टक्कर से धरती से अलग हो गया लेकिन अगर ये बात सच है तो उस हिसाब से चाँद और धरती पर जो ELIMENTS यानि पदार्थ मौजूद है वो भी ज्यादा तर समांतर होना चाहिए क्यू की दोनों तो एक ही चीज़ से बने है जो बाद में बिछड़ गये थे लेकिन रियलिटी में ऐसा नहीं है क्यू की चाँद की सतह और उसके भीतर का कम्पोजिसन धरती से कुछ मामलो में भले की मेल खाती है लेकिन दूसरी तरफ कुछ पदार्थ धरती से बहोत ज्यादा अलग है.

 

 2 – The Capture Theory

इस Theory के मुताबिक चाँद पहले हमारे सोलर सिस्टम का हिस्सा नहीं था और वो दुसरे सोलर सिस्टम के Orbit से निकल कर हमारे सोलर सिस्टम में चला आया था और धरती के Gravitational Force की वजह से ये धरती के Orbit में फस गया था जिसके बाद से ये चाँद धरती को Center Assume करते हुए घुमने लगा था

हमारे चाँद का साइज़ ¼ Of The Earth और ये साइज़ एक नॉर्मल सेटेलाइट के मुकाबले काफी ज्यादा बड़ा है.

 

3 – The Condensation Theory

इस Theory के मुताबिक जब हमारा सोलर सिस्टम बना था उसी समय चाँद भी धरती के साथ बना था लेकिन इस Theory को ले कर भी कोई प्रोपर लॉजिक Scientist के पास नहीं है इन सब के आलावा चाँद के अस्तित्व को ले कर और भी कई सवाल उठता है जैसे सोलर सिस्टम में किसी भी प्लेनेट्स का जो नेचुरल सेटेलाइट होता है उन सब का ऑर्बिट ज्यादा तर एलेक्टिक्ल होता है लेकिन वाही दूसरी तरफ चाँद का ऑर्बिट एकदम परफेक्ट तो नहीं लेकिन काफी हद तक सर्कुलर है.

 

और इसी मोशन में घूमता है अगर देखा जाए तो धरती जितना ज्यादा चाँद के उपर डिपेंडेंट है उतना शायद और कोई और भी प्लेनेट अपने खुद के चाँद के उपर नहीं है अगर धरती का ये नहीं होता तो धरती पर इन्शान के लिए रह पाना बहोत मुश्किल होता क्यू की चाँद के न होने पर धरती के एक्सिस घूम जाता और सूरज की रौशनी सीधा नार्थ पोल पर पडती इसका कारण है चाँद का खुद का ग्रेविटेस्नल फोर्स होता है.

 

तो इतने सारे फैक्टर्स जैसे चाँद का सर्कुलर मोशन या फिर उसका ग्रेविटेस्नल फोर्स का हमारी धरती इन्फ़्लुएन्से और तो और चाँद और धरती का अलग अलग मटेरियल कोम्पोजिसन् in सभी चीजों को अगर नोटिस किया जाये हमारे चाँद को  Tural Satellite कहने की की बात पर भी सवाल खड़ा कर सकता है.

 

तो in सभी फेक्टरस की वजह से कई Scientist ये मानते है की चाँद को कोई और दुसरे प्लैनेट्स के एलियनस ने बनाया है और उनका यह भी कहना है की वो एलियनस समय समय पर अपनी बनाई हुई चीज़ को देखने वापिस आते है.

 

अपोलो स्पेस मिसन के दौरान नील आर्मस्ट्रोन और उनके बाकी मेम्बर्स कई डिफरेंट UFO ऑब्जेक्ट्स को स्पेस में दिखा था उनके मुताबिक उनका स्पेशशिप ट्रेश हो रहा था लेकिन ये न्यूज़ कितना सही था इसका उत्तर तो किसी के पास नहीं है इसके अलावा जब अमोलो 11 moon पर लेंड किया तब धरती पर मौजूद कंट्रोल रूम से उन लोगो का कनेक्सन 2 मिनट के लिए टूट चूका था और तो और बीच बीच में कनेक्सन फ्लकचुएट कर रहा था सुर कोई unknown सिग्नल बिच बिच में आ जा रहा था लेकिन ये news कितना सही था इसका उत्तर दे पाना काफी मुश्किल है.

 

कई लोगो का तो ये भी मानना है की नाशा अपोलो 11 मिसन को ले कर बहोत सारी इन्फोर्मसंस को छुपाया है तो अगर in सब Theorys को हम एक साइड में रखते है तो एक और Theory सामने आती है जो in तीनो Theory में से काफी ज्यादा रियल लगता है और जिससे Scientist भी बहोत ज्यादा प्रिफर करते है.

 

4 – The Giant Impact Theory

ये Theory विलिअम हाटमेन हैपोथिस किया था उनके मुताबिक Past में धरती अपना ऑर्बिट मंगल ग्रह की साइज़ की बराबर एक प्लेनेट के साथ शेयर कर रहा था यानि दोनों एक ही orbit में घूम रहे थे ओर उस ऑब्जेक्ट का नाम था THEA वो ऑब्जेक्ट समय के साथ unstable होने लगा और धरती की ओर आगे बड़ने लगा

 

उसके बाद उसका टक्कर धरती से हुआ जिसके कारण Earth का Rotation ज्यादा बड गया और इस टक्कर के दौरान उन दोनों प्लैनेट्स ने अपना बहोत ज्यादा मलबा खो दिया in दोनों प्लैनेट्स के टक्कर से उत्पन्न मलबा बहोत ज्यादा  हो गरम् गया इतना ग्राम होने का कारण था दोनों प्लैनेट्स के Press के दौरान Friction का हीट और यही सारे मलबे से  मिलकर बाद में चाँद का निर्माण हुआ.

1972 – Apollo 14

1972 में  Apollo 14 क्रू चाँद पर आखिरी बार लेंड हुए थे और इस बार वो अपने साथ बहोत सारे पत्थरो को भी धरती पर ले कर आये थे और उन पत्थरो के उपर रिसर्च करके ये पता लगा था की ये ज़िरोक्स बने थे Basalt के और उसका कम्पोनेंट भी काफी सिमिलर था जो की धरती पर पाए जाते है.

 

चाँद से धरती के बहोत सिमिलर अलुमेंट्स के आइसोटोकस मिले थे इसके अलावा जब वो moon के उपर के लेयेर सर्फेस को study कर रहे थे तो तब उन्होंने देखा की वो क्रिएटर्स कुछ कन्सोनेंट्स रिंग्स के द्वारा Suraunded थे ये रिंग्स हम लोगो ने अपनी जिन्दगी में कभी न कभी नोटिस किया ही होगा ये रिंग्स तभी बनते है जब आप किसी liquid चीज़ में कोई heavy object गिरा दो तो तब उस heavy में object की वजह से वेव्स उत्पन्न होंगे

 

लेकिन ये वेव्स हर direction move होंगे जिसकी वजह से एक रिंग टाइप का शेप बनेगा तो यही सिमिलर pattern Scientist को मिला था उन craters में जिससे ये साबित हुआ की moon के सुरुआती दौर में ये liquid मैग्मा ये coverd था और उल्का पिंड की बारिश की वजह से उन craters में वो रिंग टाइप का शेप बना तो सिमिलर एलिमेंट्स और ये रिंग टाइप के शेप की वजह से इस Theory को Widely accept किया जाता है.

 

चाँद का जन्म  तो आप को क्या लगता है की चाँद की यह Theory सच है या फिर वो बाकी के 3 Theorys और चाँद चाँद को क्या एलियंस ने बनाया था हमें निचे कमेंट बॉक्स में जरुर बताये और अगेर आप को हमारा यह लेख पसंद आया हो तो हमें सोसल लिंक पर जा कर फोलो जरुर करे और अपना प्यार हमारे इस Gyan news पर बने रखे क्यू की हम हर रोज आप लोगो के लिए एक ऐसी ही इंट्रेस्टिंग पोस्ट ले कर आते रहते है तब तक के लिए नमस्कार मिलते है अगले दिन एक और नई पोस्ट के साथ धन्यवाद !

 

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