Chandrayaan 3 launch in November 2020 |चंद्रयान 3 को लॉन्च करेगा इसरो नवम्बर 2020

Chandrayaan 3 launch in November 2020 दोस्तों इसरो नवम्बर 2020 में चंद्रयान 3 को लॉन्च करने की पूरी प्लानिंग कर चूका है पूरी टीम मिशन मोड़ में है और इस मामले में जो बड़ी खबर है वो ये है की मोदी सरकार ने इसके लिए बज़ट  को भी हरी झंडी दे दी है.

 

इसरो ने चंद्रयान 3 मिशन के लिए केंद्र सरकार के सामने 75 करोड़ रूपए का बज़ट  रखा था इसरो ने यह बज़ट  पहले से तय किये गए बज़ट के आलावा मांगा था मौजूदा वित्त वर्ष के सप्लीमेंट्री बज़ट  के प्राबधानो के तहत ये बज़ट  माँगा गया था.Chandrayaan 3 launch in November 2020

 

इसमें से 60 करोड़ रूपए मशीनरी उपकरण और दुसरे खर्चो के लिए और बाकी 15 करोड़ रिवेन्यु खर्च के अंतर्गत मांगे गए हैं इसरो की डिमांड पर मोदी सरकार ने तुरंत आश्वासन दिया है हलाकि पैसे देने की प्रकिया अभी जारी है .

 

इसरो ने रखा 666 करोड़ का बज़ट

इसरो ने 2019, 2020 के दौरान 666 करोड़ का बज़ट मांगा है जिसमे से 11 फीसदी से ज्यादा केवल चंद्रयान 3 के लिए माँगा गया है 666 करोड़ में से 8.6 करोड़ रूपए 2022 में प्रस्तावित हयूमन स्पेस program 12 करोड़ स्मोल सेटलाइट व्हीकल और 120 करोड़ लॉन्च पैड के डेवलपमेंट के लिए मांगे गए हैं सबसे ज्यादा UR राव सेटलाइट सेंटर और सतीश धवन स्पेस सेंटर के लिए की गयी है दोनों के लिए 516 करोड़ रूपए मांगे गए हैं|

 

चंद्रयान 3 को नवम्बर 2020 में ही क्यों करना चाहता है इसरो

इसरो वैज्ञानिको से मिली जानकारी के मुताबिक नवम्बर 2020 में अच्छा प्रक्षेपण समय है लिहाजा इसरो इस लॉन्च के दौरान चंद्रयान 3 को लॉन्च करेगा और आप को बता दें की इसरो इस मिशन में दिलो जान से लगा हुआ है|Chandrayaan 3 launch in November 2020

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तूफानी रफ़्तार से चल रहा है चंद्रयान 3 पर काम

चंद्रयान 3 पर काम तूफानी रफ़्तार से चल रहा है क्यों की इसरो ने जितने वक्त में इसे लॉन्च करने की ठानी है वो बहुत कम है एक्सपर्ट्स की माने तो लेंडर रोवर और रोकेट को डेवलप करने में ही 2 से 3 साल का वक्त लग सकता है.

 

लिहाजा इसरो ने चंद्रयान 3 के लिए केवल एक साल का वक्त ले कर बहुत बड़ी चुनौती मोल ली है इस काम के लिए इसरो ने 10 महत्वपूर्ण बिन्दुवो का खाता खीच कर उनपर काम सुरु कर दिया है.

 

इसमें लैंडिंग साईट लोकेसन नेविगेसन सामिल हैं इसरो ने बाकायदा इंटरनल लोड में अपनी टीम को चंद्रयान 3 पर काम करने और चंद्रयान 2 के एक्सपर्ट कमेटी द्वारा की गयी फरिसो पर ध्यान देने को कहा है ताकि लैंडर में बदलाव करने और इसमें सुधार करने की दिशा में काम किया जा सके|Chandrayaan 3 launch in November 2020

 

चंद्रयान 2 की गलतियों पर खास फोकस

अंतरिक्ष एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक इस बार गोर्वर लैंडर और लैंडिंग अभियानों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा और चंद्रयान 2 में जो खामिया रहीं उन्हें ठीक किया जाएगा इसरो सूत्रों के मुताबिक चंद्रयान 3 मिशन में लैंडर और रोवर ही सामिल होंगे इसमें ऑर्बिटर नहीं भेजा जाएगा क्यू की चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर पहले से ही चंद्रमा की कक्षा में मौजूद है.

 

और वो बहतरीन काम कर रहा है यह ऑर्बिटर 7 साल तक काम करेगा लिहाजा टीम इस वक्त केवल लैंडर और रोवर पर ही फोकस कर रही है चंद्रयान 3 मिशन में लैंडर के लेग्स मजबूत किये जायेंगे जिससे की तेज़ गति से उतरने पर भी वो क्रेश न हो|

 

चंद्रयान 2 नहीं कर सका था लैंड

आप को बता दे की इससे पहले इसरो चंद्रयान और चंद्रयान 2 मिशन पे काम कर चूका है चंद्रयान जहा सिर्फ एक ऑर्बिटर चाँद पर भेजा गया था वही चंद्रयान 2 में ऑर्बिटर के साथ लैंडर और रोवर भी भेजे गए थे.

 

इसरो का मिशन लैंडर को चाँद की सतह पर लैंड करवाना था लेकिन क्रेश लैंडिंग के कारण उस मिशन का ये हिस्सा सफल नहीं हो सका था हलाकि ऑर्बिटर चाँद की कक्षा में चक्कर काट रहा है और अपना काम सही से कर रहा है|Chandrayaan 3 launch in November 2020

 

असफल नहीं था चंद्रयान 2

चाँद की सतह पर सफल लैंडिंग से चुके चंद्रयान 2 मिशन को असफल नहीं कहा जा सकता है क्यों की इस मिशन के जरिये इसरो पर 98% टारगेट अचीव हो गये इसरो वैज्ञानिको के मुताबिक चंद्रयान 2 का चंद्रमा में पहुचना ही इसरो की 90% सफलता है.

 

हमारा चंद्रयान पूरी तरह सफल रहा चंद्रयान से अलग होने वाला रोवर उसका एक part ही था सेटलाइट को पृथ्वी की कक्षा से बाहर छोड़ना बड़ा कार्य है इसरो कभी हारता नहीं है वो हर गलतियों से सीखता है और उससे बेहतर तैयारी के साथ काम करता है|Chandrayaan 3 launch in November 2020

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