Corona vaccine | अक्टूबर तक मार्केट में होंगी कोरोना वैक्सीन

Corona vaccine फाईजर ने कहा अक्टूबर तक मार्केट में होंगी कोरोना वैक्सीन

corona vaccineदोस्तों कोरोना वायरस को ले कर दुनिया में हर पल अपडेट सामने आ रहे हैं कोरोना का ग्राफ बड रहा है क्यू की उसकी सबसे ज्यादा मोनेटरिंग हो रही है हालाकी तमाम आंकड़ो पर गौर करेंगे तो मरने वालों की तादाद सामान्य फ्लू और जरनल बीमारियों से भी कम है .  कोरोना दवाई 

 

हालाकि फिर भी देश की सरकार से ले कर वैज्ञानिक किसी भी हालत में इसे रोकने में लगे है और वैक्सीन बनाने में जी जान से जुटे हैं इस मामले में 4 बड़ी खबरे सामने आ रहीं हैं जो सभी के लिए राहत की बात हो सकती है.

 

Corona vaccine अक्टूबर तक मार्केट में होंगी कोरोना वैक्सीन

दुनिया की दो बड़ी फार्मा कम्पनीयों ने कोरोना को ले कर बड़ी खुशखबरी दी है ये कम्पनियां फ़िलहाल सबसे आगे चल रही वैक्सीन से जुडी हैं अमेरिका की बड़ी कम्पनी Phizer के CEO Albert Bourla ने कहा है.

 

की कोरोना की इलाज़ की दवा इस साल अक्टूबर तक तैयार हो जायेगी उन्होंने कहा की अगर सबकुछ ठीक से चली तो तो हमारे पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं की इस साल अक्टूबर के अंत में कोरोना वायरस की दवा मार्केट में होगी.

Phizer जेर्मनी की कम्पनी Biontech के साथ मिल कर यूरोप और अमेरिका में दवा बनाने पर कम कर रही है कोरोना वायरस की दवा बनाने में जुटी एक और कम्पनी ने भी भरोसा जताया है की इस साल के अंत तक covid-19 की दवा बाज़ार में आ जाएगी.

 

Corona vaccine दूसरी बड़ी फार्मा कम्पनी है Astra Zeneca जिसके हेड Pascal sauriat ने कहा है की कई लोगो को उम्मीद है की उनके पास दवा हो और ये दवा इस साल के अंत तक उनके हाथ में होगी हलाकि उन्होंने ये भी कहा दवा खोजने के लिहाज़ से वक्त तेज़ी से निकलता जा रहा है.

 

Astra Zeneca कम्पनी University ऑफ़ Oxford के साथ मिलकर वैक्सीन बनाने के काम में जुटी है दुनिया भर के करीब 100 से ज्यादा लैब कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटी हैं इनमे से 10 लैब अपनी वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल करा रही है.

 

इस महामारी की वजह से दुनिया भर के 3.5 लाख से ज्यादा लोगो की मौत हो चुकी है जबकि 50 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं.

 

WHO को भारत में सुनाई खरी खरी

Corona vaccine केन्द्रीय स्वस्थ मंत्रालय ने कोरोना के इलाज़ के लिए Hydroxy Chloroquineके इस्तमाल पर रोक लगाने की WHO की सलाह पर खरी खरी सुनाई है भारत की नोडल सरकारी एजेंसी कम्पनी indian Council Of Medical Research (ICMR) ने WHO को लेटर लिख कर कहा है.

 

की इंटरनेशनल लेवल पर SEQ का ट्रायल सही ढंग से नहीं हो रहा है ICMR ने WHO को भारतीय और अंतररास्ट्रीय परीक्षनो  के बीच कुराक के मामलो में अंतर का हवाला दिया है ICMR का कहना है की covid-19 के गंभीर मरीज़ जो वर्तमान में ICU में भर्ती हैं उनके इलाज़ के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के मुताबिक खुराक दी जानी चाहिए.

 

लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है अंतर रास्ट्रीय स्तर पर covid-19 के मरीजो को दी जाने वाली खुराक का डोज़ बहुत ज्यादा है यानि ख़राब डोज़ के कारण रिजल्ट ख़राब आये हैं और बिना कुछ जाच पड़ताल किये WHO ने इस दवा पर एक तरफा कार्यवाही कर दी.

 

भारत में SEQ डोज़ प्रोटोकोल के मुताबिक है जो बेहद प्रभावशाली और अच्छा है कोरोना के मरीज़ दवा का कम डोज़ दिए जाने पर ठीक हो रहे हैं SEQ दवाओ के लिए covid-19 मरीजों के ठीक होने से मिली सुरुवाती सफलता हो ले कर ही ICMR ने WHO को पत्र लिखा है.

 

भारत में चल रही है कोरोना की महाखोज़

Corona vaccine 130 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व की बात है की भारत में covid-19 वैक्सीन डेवलपमेन्ट में लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है भारत सरकार के मुताबिक दिश में 6 वैक्सीन ऐसी हैं जो उम्मीद जगा रही हैं.

 

लिहाज़ा तमाम रिसर्चरऔर साइंटिस्ट लगे हुए हैं वैक्सीन बनने से ले कर उसके तेज़ी से प्रोडक्शन और Distribution  की भी प्लानिंग कर ली गयी है सरकार के मुताबिक भारत में 6 वैक्सिन Candidate ऐसे हैं जिसमे progress दिख रही है.

 

वैसे तो देश में 30 groups ऐसे है जो covid-19 के वैक्सीन खोज रहे हैं ये वैक्सीन Pri Clinical स्टेज में हैं हलाकि एक वैक्सीन के मार्केट तक आने में 15 से लेकर 2,300 करोड़ रूपए तक का खर्च आ सकता है.

 

इसके आलावा कोरोना की कुछ दवाओ पर भी reserch हो रहा है जिसमे covid-19 के इलाज़ के मदद में उम्मीद जगी है भारत में फ़िलहाल Hovipilavir, Itolizumab, Arbidol, ACQH, SEQ, Remdesivir और BCG वैक्सीन अंडर ट्रायल हैं.

 

हर्ड इम्यूनिटी जाँच रहा है भारत

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने covid-19 को ले कर देश भर में सेरो सर्वे का आयोजन किया हैं जिससे इस बीमारी के प्रति लोगो में हर्ड इम्यूनिटी का पता लगाया जा सकता है इस सर्वे के तहत ICMR मध्य प्रदेश में इंदौर समेत 4 जिलो में कुल 1700 लोगो के नमूने लिए हैं.

 

जिसमे इस महामारी के समान्य लक्षण नही थे वैज्ञानिको को उम्मीद है की इस सर्वेषण के परिणामों से इस महामारी के फैलाओ की सटीक जानकारी मिल सकेगी इसके साथ ही इस अहम् सवाल का भी जवाब मिल जायेगा की समुदाय पर इस वायरस के हमले के बाद लोगो में हर्ड इम्यूनिटी यानि की सामूहिक के प्रति प्रतिरोधक छमता विकशित हुई है या नही.

 

इस सर्वे के जरिये लोगो के रक्त के सीरम की जाँच की जा रही है जिसे ये पता चल सके गा की अगर संबधित व्यक्ति कोरोना के हमले का शिकार हुआ है तो उसके रोग प्रतिरोधक तंत्र में किस तरह की प्रतिक्रिया दी है और उसके रक्त में इस वायरस के खिलाफ Antibody विकशित हुई है या नहीं.

 

ज़ाहिर है की इस हर्ड इम्यूनिटी के बारे में जानकारी मिल सकेगी सर्वेक्षण रिपोर्ट को देश के सभी राज्यों के साथ साझा किया जायेगा ताकि covid-19 के खिलाफ रणनीति बनाने में मदद मिल सके.

 

अक्टूबर तक मार्केट में होंगी कोरोना वैक्सीन दोस्तों आज आप लोगो ने इस पोस्ट के माध्यम से यह जाना की आखिर कब तक कोरोना की वैक्सीन हम सभी के बिच आ सकती है अगर आप को यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो हमे कमेंट कर के जरुर बतायें.

 

और जाते जाते एक और बात बोलना चाहता हु की अभी भले भारत से lockdown ख़त्म हो गया हो लेकिन अभी खतरा टला नहीं है इस लिए घर से बहार निकलते समय मास्क का इस्तमाल जरुर करे और सामाजिक दुरी बना कर रखे.

 

जिससे की आप और आप के परिवार के लोग हमेशा इस कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहे मिलते है ऐसी ही एक नहीं पोस्ट के साथ अगले दिन तब तक के लिए नमस्कार !

 

 

2 thoughts on “Corona vaccine | अक्टूबर तक मार्केट में होंगी कोरोना वैक्सीन”

Leave a Comment