Google Panda Algorithm क्या है

Google Panda Algorithm क्या है हेल्लो दोस्तों अगर आप इन्टरनेट से जुड़े हैं और आप अपना खुद का एक blog चलाते हैं तो आप को google के Algorithm के बारे में पता ही होगा और अगर आप नहीं जानते हैं की google का panda algorithm क्या है.

तो आप चिंता ना करें हम आप लोगो को google के panda algorithm के बारे में पूरी जानकारी देंगे की यह क्या है और कैसे काम करता है और साथ ही यह भी बतायेंगे की google ने panda algorithm क्यों लॉन्च किया है.

दोस्तों जैसा की आप लोग जानते हैं की google अपने algorithm में कोई न कोई बदलाव करता ही रहता है जिससे की उसका system सही से काम करता रहे और उसके algorithm को कोई समझ ना पाए.

यही कारण है की google अपने algorithm में हर 6 महीने में कोई न कोई बदलाव करता रहता है google ये कभी नहीं चाहता है की कोई भी उसके algorithm या new update को समझ पाए इसलिए हमेशा बदलाव करता रहता है|

google panda कब लॉन्च हुआ था

google panda (Feb-24-2011) में लॉन्च हुआ था और आप को बता दें की ये google panda आप के content से related चीजों को देखता है google panda आप की वेबसाइट में ये देखता है की,

आप की वेबसाइट में जो भी आर्टिकल हैं जो कितना अच्छा है और उसे user पसंद कर रहे हैं या नहीं, दोस्तों जब सुरुआत में google panda लॉन्च हुआ था तो ये फ़िल्टर की तरह लॉन्च हुआ था.

मतलब की जो भी content आप अपने website में लिखते हैं google panda उसे फ़िल्टर कर के उसमे छुपी कमी को निकालता है और जिससे की आप की वेबसाइट डाउन हो जाती है.

दोस्तों google panda की एक और खास बात है की ये तुरंत यानि real time में work नहीं करता है जैसे मान लीजिये की आप ने एक आर्टिकल लिखा अपने blog के लिए और उसमे कुछ ऐसा है जो की google panda को पसंद नहीं है.

तो google panda आप की साईट को तुरंत डाउन नहीं करेगा बल्कि आप को कुछ समय देगा आप अपनी गलतियों को सुधारे और फिर कुछ समय के बाद ये आप के उपर ऐक्सन लेगा.

एक तरह से इसे और समझ सकते हैं की google panda इतना advance नहीं है की वो आप के द्वारा की गयी गलतियों को तुरंत पकड़ ले ये आप की गलतियों को कुछ समय के बाद पकड़ता है जिससे की आप को सुधार का मौका मिल जाता है|

 

google panda को क्या पसंद नहीं है  

दोस्तों आप को बता दें की google panda को कुछ चीज़े पसंद नहीं होती हैं जिसके बारे में हम नीचे बताने जा रहे हैं और जो भी google panda को पसंद नहीं है अगर वो आप अपने blog या website में करते हैं तो google panda आप को panelize कर सकता है

Google panda के अंदर कौन कौन सी चीज़े आती हैं 

  • Poor User Experience
  • Duplicate Content
  • Plagiarism
  • Thin content
  • Keyword Stuffing
  • User Generated Spam

 

Poor User Experience

दोस्तों Poor User Experience का अर्थ यह है की अगर कोई भी user आप के blog पर आता है और आप की वेबसाइट से तुरंत चला जाता है तो आप की साईट का User Experience ख़राब हो गया आइये इसे विस्तार से समझते हैं|

दोस्तों जब कोई user हमारे site पर आता है तो उसे 3 सीढियों से गुजरना पड़ता है.

User query > Search engine > SERP

User query क्या है

दोस्तों User query वो होती है जब कोई user इन्टरनेट में कुछ भी search करता है यानि अपना कोई सवाल google के search बार में टाइप करता है उसे User query कहते हैं|

 

Search engine क्या है

Search engine वो होता है जब हम या कोई user google पर कुछ search कर के enter press करता है तब उस वक्त google अपने पास रखे हुए जवाब आप को दिखाने के लिए जो समय लगाता है उसे search engine कहते हैं|

 

SERP क्या है (Search Engine Result Page)

SERP का अर्थ यह है की जब हम कोई सवाल google के search बार में डालते हैं और enter press करते हैं तो उसके बाद google हमे जो रिजल्ट show करवाता है उसे हम SERP कहते हैं.

जैसे मान लीजिये की कोई user internet में “online पैसे कैसे कमाए” इसके बारे में result चाहता है और वो इस keyword को google के search bar में type करता है और enter करता है.

अब क्या होता है की उसके सामने result तो show हो गये और उसने सबसे उपर वाली website पर click किया और वो उस वेबसाइट से तुरंत बाहर भी आ गया.

इसका मतलब यह है की user जो कुछ भी google में खोज रहा था वो उसे नहीं मिला क्युकी user तो google में “online पैसे कैसे कमाए” ये खोज रहा था.

और उसे मिल गया रहा है online product कैसे खरीदें तो इसमें user का Poor User Experience हुआ क्युकी जो भी वो खोजने आया था वो उसे नहीं मिला और ये चीज़ google कभी भी बरदास नहीं करेगा.

इन्ही सब चीजों को google panda मेजर करता है और इससे google के उपर से लोगो का विश्वास उठ जाएगा जिससे google की दुकान बंद भी हो सकती है यही कारण है की google के लिए सबसे बड़ा उसका user है इसलिए वो इसे सबसे पहले महत्त्व देता है|

Duplicate Content क्या होता है

दोस्तों Duplicate Content का अर्थ यह है की जैसे मान लीजिये की आप ने एक आर्टिकल लिखा SEO क्या है और आप ने इसमें सारे टॉपिक कवर किये हैं.

अब इसके बाद आप एक और आर्टिकल लिख रहे हैं की on page seo क्या है अब जाहिर सी बात है की आप ने जब seo क्या है लिखा होगा तो आप ने इस टॉपिक को भी कवर किया होगा.

क्युकी ये on page seo भी seo का part है तो ऐसे में आप के वेबसाइट में Duplicate Content का erorr आ सकता है तो दोस्तों इससे बचने के लिए आप को अपनी साईट में URL Canonicalization का तरीका इस्तेमाल करना होगा जो की पूरी तरह से लीगल है.

अब इसके बाद एक और Duplicate Content का erorr आता है जैसे मान लीजिये की आप की एक साईट है जिसमे आप ने seo क्या है के बारे में बताया है.

और अब आप की एक और website है जिसमे आप ने सेम यही seo क्या है के बारे में बताया है अब जाहिर से बात है की अगर ये दोनों आप की ही site है तो आप के आर्टिकल की कुछ कंटेंट match कर सकते हैं.

तो दोस्तों आप को बता दें की ऐसा बिलकुल नहीं होना चाहिए इससे आप को बचना पड़ेगा क्युकी ये चीज़ google panda mark करता है की यह पर ये प्रोब्लम आ रही है|

 

Plagiarism क्या है

दोस्तों Plagiarism का अर्थ यह है की आप को किसी भी साईट से और किसी भी आर्टिकल से कंटेंट idea नहीं चुराना है क्युकी आज के समय में google के सारे Algorithm बहुत स्मार्ट हो चुके हैं.

और वो इन सभी चीजों को बड़ी ही आसानी से पता कर लेते हैं अगर इसके बारे में विष्तार से बात करें तो Plagiarism आप की साईट में तभी आता है जब आप का content किसी और के content से match कर जाता है.

जैसे मान लीजिये की आप ने एक आर्टिकल लिखा seo क्या है और आप ने उस आर्टिकल को लिखने से पहले एक website को पढ़ा और उसी से मिलता जुलता एक अपना आर्टिकल तैयार कर लिया.

तो दोस्तों ऐसी में दिक्कत यहाँ पर आ जाती है की आप के आर्टिकल में या content में Plagiarism आ जाता है जो की google panda को बिलकुल पसंद नहीं होता है.

इससे बचने के लिए आप को अपना खुद का आर्टिकल लिखना होगा आप अपना अर्तिका लिखने से पहले और सारे आर्टिकल को open कर के देख सकते हैं लेकिन उनके आर्टिकल में से एक भी लाइन कॉपी नहीं कर सकते हैं|

 

Thin content क्या है

Thin content दोस्तों अगर Thin content की बात करें तो ये आप को अपनी website में बिलकुल भी नहीं करना है अब आप सोच रहे होंगे की Thin content क्या होता है.

तो दोस्तों आप को बता दें की Thin content का अर्थ यह होता है की आप अपने वेबसाइट के अंदर जो भी आर्टिकल लिखते हैं उसकी लेंथ थोड़ी ज्यादा होनी चाहिए.

जैसे मान लीजिये की आप एक आर्टिकल लिखते हैं और उस आर्टिकल की लेंथ 50 से 100 word की है और आप ने उस आर्टिकल में बहुत अच्छी बात बताई है उस छोटे से आर्टिकल में,

तो ऐसे में दोस्तों जब कोई भी user आप की साईट में आएगा और आप के आर्टिकल को पढ़ेगा तो वो user आप के आर्टिकल को बहुत कम समय में पढ़ लेगा.

क्युकी आप का आर्टिकल बहुत छोटा है इस लिए user आप की साईट में आया और उस छोटे से आर्टिकल को पढ़ा और 20 से 30 सेकंड में वो आप की साईट से चला गया.

तो ऐसे में google को ये सिग्नल जाएगा की कोई user आप की साईट में आप के आर्टिकल को पढने आया और वो तुरंत चला भी गया मतलब की आप के इस आर्टिकल में कोई दम नहीं है.

इसलिए google आप की साईट को नीचे कर देगा और बाकी साईट को आप से उपर कर देगा उम्मीद है की आप लोगो को यह Thin content क्या है समझ आ गया होगा|

 

Keyword Stuffing क्या है

दोस्तों Keyword Stuffing को आप एक तरह से ऐसे समझ सकते हैं जैसे मान लीजिये की आप ने एक आर्टिकल लिखा 500 word का, और जब आप या हम कोई भी आर्टिकल लिखते हैं.

तो हम एक keyword के उपर आर्टिकल लिखते हैं और हमे उसी keyword के उपर अपने आर्टिकल को rank करवाना होता है और हम गलती यहा पर कर देते हैं की,

हम अपने उस आर्टिकल को rank करवाने के लिए अपने main keyword को बहुत जगह लगा देते हैं जैसे हमारा आर्टिकल 500 word का है और हमने अपने main keyword को 50 से 60 बार अपने आर्टिकल में लिख रखा है.

तो ये Keyword Stuffing में आता है और हमे ऐसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिए और आप अगर ये सोच रहे है की ऐसा कर के आप बहुत जल्दी सबसे उपर rank करने लगेंगे तो ऐसा नहीं है.

बल्कि अगर आप ऐसा करते हैं तो आप के आर्टिकल के साथ साथ आप की website की भी ranking डाउन हो सकती है क्युकी आज से समय में google के सारे Algorithm बहुत ही ज्यादा स्मार्ट है और साथ ही google panda तो इसे बिलकुल पसंद नहीं करता है|

 

User Generated Spam क्या होता है

दोस्तों User Generated Spam भी Keyword Stuffing के अंदर ही आता है जैसे आप अपने हर आर्टिकल के अंदर Keyword Stuffing कर रहे हैं और अपने आर्टिकल में thin content कर रहे हैं.

तो ये सब से आप का User Generated Spam बढ़ता है और google आप को इसके लिए panelize भी कर सकता है और इससे बचने के लिए आप को ये सारी चीज़े छोडनी पड़ेंगी.

User Generated Spam में एक चीज़ और आती है की अगर आप अपने आर्टिकल को छोटा लिखते हैं और साथ ही Keyword Stuffing बहुत ज्यादा करते हैं तो इससे आप के user पर भी फर्क पड़ता है.                  

हो सकता है की अगली बार वो आप की साईट में visit भी करने ना आये क्युकी उसे आप की साईट के आर्टिकल में हर लाइन के बाद एक ही keyword देखने को मिल रहा है जो की उसे बिलकुल पसंद नहीं है|

 

Algorithm क्या होता है

दोस्तो Algorithm google की तरफ से निकाला गया एक प्रोग्राम होता है जो कि गूगल के सिस्टम को मेंटेन करने के लिए काम करता है.

Google Algorithm गूगल के द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करता है Algorithm गूगल के द्वारा बनाया गया एक robort होता है.

और जब भी हम या आप अपनी वेबसाइट में कोई भी आर्टिकल पब्लिश करते हैं तो ये google का Algorithm उसे चेक करता है कि जो भी आर्टिकल आप ने अपनी वेबसाइट में पब्लिश किया है.

वो आर्टिकल user फ्रेंडली है या नही और साथ ही आप के द्वारा लिखा गया आर्टिकल google के सभी नियमो और शर्तों को ध्यान में रख कर लिखा गया है या नही.

Google Algorithm की एक और खास बात है कि अगर आप google के शर्तों को ध्यान में रख कर काम नही करते हैं या सही आर्टिकल नही लिखते हैं.

या आप ऊपर बताये गए किसी भी गलती को बार बार अपने आर्टिकल में दोहराते हैं तो google के bots या google के Algorithm आप की ranking को down कर देते हैं.

और आप के लिए दुबारा rank करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि आप की site से  google का विश्वास खत्म हो जाता है और google आप को कभी रैंक नही करने देता है|

 

google panda Algorithm क्या है  आज की इस पोस्ट से आप ने क्या सीखा

दोस्तो आज के इस लेख से आप ने यह जाना कि google का Algorithm क्या है google का panda Algorithm क्या है और panda Algorithm कैसे काम करता है और साथ ही यह भी जाना कि google panda Algorithm में क्या क्या चीज़ आती हैं.

उम्मीद है कि को हमारे द्वारा लिखे गए इस आर्टिकल से कुछ नया सीखने को मिला होगा और और आप को यह आर्टिकल पसंद आया है.

तो आप हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और रिस्तेदारो को भी शेयर करें जिससे उन्हें भी कुछ नया सीखने को मिले.

हम मिलते हैं आप से अगली पोस्ट में जहाँ पर हम आप लोगो को ऐसे ही इंटरेस्टिंग आर्टिकल देते रहेंगे जिससे हमेसा आप को कुछ नया सीखने को मिले हम मिलते हैं आप से अगली पोस्ट में तब तक के लिए नमस्कार।

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