Google Penguin क्या है Google Penguin कैसे काम करता है

google penguin क्या है google penguin कैसे काम करता है  दोस्तों अगर आप इन्टरनेट और blogging से जुड़े हुए हैं तो आप लोगो ने कभी न कभी google penguin के बारे में सुना ही होगा.

और अगर नहीं सुना है तो हम आप लोगो को google penguin क्या है और google penguin कैसे काम करता है इसके बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं.

दोस्तों जैसा की आप लोगो को पता है की google हमेशा अपने algorithm पर कोई न कोई update करता ही रहता है जिससे उसके algorithm को कोई समझ न पाए.

दोस्तों आज हम आप लोगो को बतायेंगे की google penguin क्या होता है और यह कैसे काम करता है और साथ ही यह भी बतायेंगे की अगर google penguin की penalty आती है तो किस तरह से हम उससे बच सकते हैं|

google penguin क्या है

google penguin 24 अप्रैल 2012 में लॉन्च हुआ था आप को बता दें की google panda जब लॉन्च हुआ था उसके 1 साल बाद ही google penguin को भी लॉन्च किया गया था.

दोस्तों जब भी google का कोई update या algorithm लॉन्च होता है तो वो सबसे पहले testing mood में लॉन्च होता है और इसे लॉन्च करने के बाद तुरंत इसे google core algorithm नहीं बनाया गया था.

आज के समय में हम google के panda और penguin algorithm को core update से जानते हैं लेकिन जब google का कोई भी update या algorithm लॉन्च होता है.

तो google उसे पहले testing mood में रख कर test करता है और यह देखता है की उसमें और क्या क्या नई चीज़े जोड़ी जा सकती हैं और जब google को लगता है की यह new algorithm आप पूरी तरह से तैयार हो चूका है तो उसे core update के बदल देता है.

दोस्तों जब भी google कोई नया algorithm लॉन्च करता है तो उसे एक फ़िल्टर की तरह लॉन्च करता है फिर धीरे धीरे उसमे बदलाव करना सुरु करता है जिससे वो core algorithm में बदल जाता है.

आप को बता दें की google के penguin algorithm लॉन्च होने के बाद से यानि 2012 से 2016 तक इस penguin algorithm में 10 update किये गये थे जिससे penguin algorithm को बेहतर तरीके से बनाया जा सके.

दोस्तों जैसा की आप लोगो को बताया गया है की google penguin में 2012 से 2016 तक update आई थी और इसके बाद यह google penguin पूरी तरह से 2017 में बन कर तैयार हो गया था और इसे google core algorithm के नाम से 2017 में जाना जाने लगा|

 

google penguin का क्या काम होता है

दोस्तों google अपने हर algorithm को इसलिए बनता है ताकि वो अपने users को अच्छे रिजल्ट दिखा पाए और google panda की तरह ही google penguin भी एक खास मकसद के लिए बनाया गया है.

google penguin के बारे में बात करें तो यह ज्यादातर 2 चीजों पर ज्यादा focus करता है पहला है link schemes और दूसरा है keyword stuffing इन्ही 2 चीजो को google penguin टारगेट करता है|

  • Link Schemes
  • Keyword Stuffing

Link Schemes क्या है

link schemes का अर्थ यह है की आप को backlink कैसे और कहा से मिल रही है हम या आप backlink सिर्फ 3 तरह से बना सकते हैं|

 

  • The development
  • Acquisition
  • Purchase of backlinks

The development backlink क्या होती हैं

दोस्तों जैसा की नाम से पता चल रहा है की development backlink यानि की ऐसी backlink जो हम अपने आप ही बनाते हैं चाहे हम guest post कर के बनाये या किसी को contact कर के बनाये.

वो सभी चीज़े development backlink के अंदर आती हैं development backlink में हम अपने द्वारा backlink बनाते हैं अपने blog या वेबसाइट के लिए जिसे link biuding भी कहते हैं.

और यह तरीका google की नज़र में अच्छा माना जाता है क्युकी हम अपने आप जो भी backlink अपने blog या वेबसाइट में बनायेंगे वो जाहिर से बात है की अच्छी backlink बनायेंगे|

 

Acquisition backlink क्या होती हैं

Acquisition backlink ऐसी backlink होती हैं वो हमे या हमारे blog वेबसाइट को किसी और blog के द्वारा मिलती है जिसमे हमारा कोई हाथ नहीं होता है ऐसे में कभी कभी हमे गलत backlink भी मिल जाती है.

अब आप सोच रहे होंगे की हमे कोई और backlink क्यों देगा तो आप को बता दें की जब कभी भी आप अपने blog या वेबसाइट में कोई आर्टिकल लिखते हैं और उसे पब्लिश करने से पहले आप को एक लिंक देना जरुरी होता है.

वो लिंक का नाम है outbound link आप जब भी अपना कोई आर्टिकल लिखते हैं तो आप internal link के साथ साथ outbound link भी देते हैं जो की जरूरी होता है seo के लिए,

तो इसी तरह अगर आप के content से releted कोई और नया blogger उसी टॉपिक पर लिख रहा है और उसे अपने आर्टिकल में outbound link देना है तो वो आप का लिंक दे सकता है अगर आप की वो पोस्ट टॉप पर rank कर रही है.

इसी तरह से हमे कभी अच्छी और कभी बेकार backlink मिल जाती है क्युकी जिस वेबसाइट का DA PA अच्छा नहीं है और उस साईट में हमे कोई backlink मिलती है तो वो हमारे लिए अच्छा नही होता है|

 

Purchase of backlinks क्या होती है

दोस्तों जैसा की इसके नाम से ही पता लग रहा है की Purchase of backlinks यानि कही से हमने अपने blog या वेबसाइट के लिए backlink खरीदी है.

अगर आप ऐसा करते हैं तो इसके लिए google आप को penalty दे सकता है क्युकी जितनी भी sites आप को backlink बेचती हैं वो कभी भी अपने उस blog पर कोई वर्क नहीं करती हैं.

बस ब्लैक हैट seo के जरिये अपने उस साईट का DA PA बड़ा कर आप को बेवकूफ बना देते हैं और आप ख़ुशी ख़ुशी उनको पैसे देकर अपनी साईट का भविष्य ख़राब कर लेते हैं.

दोस्तों एक और वजह है की हमे backlink क्यों नहीं खरीदनी चाहिए क्युकी backlink तो हम खरीद लेंगे लेकिन अपनी साईट की relevancy कैसे maintain करेंगे.

क्युकी जरुरी नहीं है की जो भी backlink हमे मिल रही है वो हमे अपने niche से ही related साईट से backlink मिल रही है और अगर backlink बनाते समय relevancy नहीं है तो उस backlink का कोई महत्त्व नहीं होता है यह मै नहीं google कहता है.

इसे एक उदाहरण से समझते हैं जैसे मान लीजिये की आप की साईट हैं स्पोर्ट्स के उपर और आप को backlink मिल रही है news साईट से तो क्या आप को लगता है की आप की साईट को google कभी भी महत्त्व देगा.

तो इन्ही सारी चीजों को link schemes चेक करता है जो की google penguin के अंदर आता है आप आप समझ गये होंगे की यह google का penguin algorithm कैसे काम करता है|

 

Keyword Stuffing क्या है

दोस्तों जैसा की आप लोगो को पता ही होगा की हम अपने पहले आर्टिकल में जिसमे हमने google panda के बारे में बताया था उसमे  Keyword Stuffing के बारे में बता चुके हैं की Keyword Stuffing क्या होता है और यह क्यों नहीं करना चाहिए.

आज के समय में अगर आप सोच रहे हैं की हम blogging में google से कोई चालाकी कर के rank कर जायेंगे तो आप यहा पर बिलकुल गलत हैं.

आप को बता दें की आज के समय में google के algorithm इतने स्मार्ट हो गये हैं की आप उनसे कुछ भी नहीं छुपा सकते हैं अगर आप अपने blog पर कोई भी ऐसी गलती करते हैं.

जो की google को पसंद नहीं है तो google आप की ranking down कर देगा और आप कुछ भी नहीं कर पायेंगे और कभी कभी तो ऐसा भी देखा गया है की google परमामेंट साईट को block कर देता है.

दोस्तों Keyword Stuffing के बारे में अगर बात करें तो जैसे मान लीजिये की आप की एक साईट है जिसमे आप make money से related आर्टिकल लिखते हैं.

और आप अपनी साईट को rank करवाने के लिए अपनी पूरी साईट में या हर आर्टिकल में make money keyword ही भर दिये जिससे की आप की साईट जल्दी rank हो जाए तो ऐसा बिलकुल नहीं है.

google इसके लिए आप को तुरंत penalty दे सकता है और अगर किसी वजह से आप ऐसा कर के rank कर भी गये तो कुछ ही दिन या महीने के अंदर आप वापस down हो जायेंगे यानि आप की साईट की ranking down हो जायेंगे.

अब तक तो आप को समझ आ गया होगा की आप को अपने आर्टिकल में या अपने blog में कोई भी Keyword Stuffing जैसा गलत काम नहीं करना है.

एक बात जो आप लोगो को जानना जरुरी है की आप अपने एक पुरे आर्टिकल में अपने main keyword को 0.5% ही इस्तेमाल कर सकते हैं इससे ज्यादा नहीं, ये सही तरीका है आज के समय में, उम्मीद है आप को समझ आ गया होगा|

 

google penguin की penalty लगने के बाद क्या करें how to recover google penguin penalty

Link Schemes: दोस्तों अगर आप को google penguin की penalty लगती है या आप उससे बचे रहना चाहते हैं तो आप को चाहिए की अपनी साईट की backlink हमेशा चेक करते रहें.

जिससे आप को समय समय पर पता चल जाएगा की आप की साईट में कौन से अच्छी backlink है और कौन से ख़राब backlink हैं और जैसे ही आप यह देखे.

की आप की साईट में कोई ख़राब backlink है तो आप उसे google search cansole में जा कर उस लिंक को diswow कर दें जिससे की आप google penguin की penalty से बचे रहें.

और साथ ही उस backlink को भी अपनी साईट से हटा दें जो की आप की साईट से relevance यानि मेल नहीं खाता है क्युकी ऐसी backlink google को बिलकुल पसंद नहीं है|

 

Keyword Stuffing: अगर आप को Keyword Stuffing से जुडी कोई penalty google penguin की तरफ से आती है या आप इससे बचे रहना चाहते हैं तो आप को चाहिये की आप अपनी साईट में जितनी भी keyword Stuffing कर रखे हैं उसे जा कर update करें|

 

Google Penguin क्या है आज की इस पोस्ट से आप लोगो ने क्या सीखा

दोस्तों आज की इस पोस्ट से आप लोगो ने यह जाना की google penguin क्या है और यह कैसे काम करता है और साथ ही यह भी जाना की अगर google penguin की penalty लगती है तो इससे कैसे recover कर सकते हैं.

उम्मीद है की आप लोगो को हमारे द्वारा लिखे गये इस आर्टिकल को पढ़ कर कुछ नया सीखने को मिला होगा और अगर इससे कुछ नया सीखने को मिला है तो आप हमे कमेंट कर के जरुर बतायें.

और आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी जरुर शेयर करें जिससे उन्हें भी कुछ नया सीखने को मिले हम मिलते हैं आप से अगली पोस्ट में तब तक के लिए नमस्कार !

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