India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine | भारत में कब तक आयेगी कोरोना वैक्सीन

India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine पिछले साल चीन के वुहान से सुरु हुआ Corona Virus अब तक दुनिया के 188 देशो में फैल चूका है इस बीमारी की चपेट में अब तक करीब 1 करोड़ से ज्यादा लोग आ चुके हैं जबकि करीब 5 लाख से ज्यादा लोगो की मौत हो चुकी है.

 

लेकिन अब तक इस महामारी की रोकथाम के लिए कोई vaccine नहीं बन पाई है हलाकि Corona पर काबू पाने के लिए vaccine बनाने के लिए मौजूदा समय में 120 मेडिकल टीम दुनिया भर के अलग अलग हिस्सों में रिसर्च में जुटी हैं.

 

आसंका ये है की दनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा Corona Virus की चपेट में आ सकता है ऐसे में vaccine इन लोगो को Corona Virus की चपेट में आने से बचा सकती है Corona Virus की vaccine बन जाने से महामारी एक झटके में ख़त्म तो नहीं होगी उसमे भी कुछ वक्त लगेगा|

 

ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में चल रही है रिसर्च

ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी Corona की vaccine तैयार करने के लिए वैज्ञानिक जुटे हुए हैं एक तरफ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लैब में vaccine को ले कर काम चल रहा है तो साथ ही साथ ये भी तैयारी चल रही है.India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

की ट्रायल सफल होने पर vaccine का प्रोडक्सन कैसे होगा और कैसे बाज़ार में इसे पहुचाया जाएगा अब इस काम के लिए ब्रिटेन ने भारत से हाथ मिलाया है और वो चाहता है की इस काम को करने में भारत उसकी मदद करे|

 

कब ख़त्म होगी Corona की महामारी

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से आज हम आप को बताएँगे की दुनिया को Corona से कब छुटकारा मिलेगा इसके साथ ही हम आप को बतायेंगे की आखिर एक vaccine बनाने में कितना वक्त लगता है साथ ही ये भी बतायेंगे की आखिर एक vaccine को अप्रूवल की कितनी स्टेज से गुजरना होता है|India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

भारत को कब तक मिलेगी Corona vaccine

दोस्तों आप को बता दें की भारत को इस वक्त 2 vaccine मिल चुकी हैं एक vaccine जायडस कैडेला की है और दूसरी भारत बायोटेक की Indian Council Of Medical Research यानि की ICMR और Bharat Biotech ने मिल कर Covaccine नाम से vaccine बनायीं है.

 

इसे ड्रक कंट्रोलर जरनल ऑफ़ इंडिया से क्लिनिकल ट्रायल के लिए अप्रूवल भी मिल चूका है ICMR ने 15 अगस्त तक vaccine तैयार करने की बात कही है जिसपर विवाद भी हुआ है|

 

OPD के CEO Faunder इंदर मौर्या ने कहा अगस्त 2021 तक लग सकता है समय

फ़ौरन OPD के CEO faunde इंदर मौर्या कहते है की ICMR को जल्द बजी नहीं दिखानी चाहिए ऐसी डेड लाइन पूरी हो पाना मुस्किल है क्युकी vaccine को कई दौर के ट्रायल से गुजरने के बाद जरुरी अप्रूवल भी लेना होता है.

 

फिर उसका प्रोडक्सन सुरु होता है इन सब में अच्छा खासा वक्त लगता है उन्होंने कहा की अगर पूरी दुनिया में vaccine के ट्रायल को फ़ास्ट ट्रैक भी कर दिया जाए तो भी अगस्त 2021 से पहले vaccine बनने अप्रूव होने और ठीक से मार्केट में पहुचने की संभावना नहीं लगती है|

 

चूहों और खरगोस पर इस टिके का बहुत अच्छा रेस्पोंस देखा गया

हलाकि ICMR अपनी vaccine को ले कर पूरी तरह से आशाव्स्थ है इसके आलावा जायडस कैडेला की vaccine को भी किलीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिल गयी है जायडस कैडेला का दावा है की उनसे इसके पहले जानवरों पर काफी गहन रिसर्च किया है.

 

चूहों और खरगोस पर इस टिके का बहुत अच्छा रेस्पोंस देखा गया इस टिके से जो एंटीबॉडी तैयार की जाती है वो खतरनाक स्तर के वायरस को भी पूरी तरह से ख़त्म कर देती है कुछ दिनों में इन टीकों का ह्यूमन ट्रायल सुरु हो सकता है.

 

और अगर सबकुछ ठीक रहा तो अक्टूबर नवम्बर तक फेज 1,2 के ट्रायल 1000 से ज्यादा लोगो पर कर लिए जायेंगे इसके बाद कम्पनी फेज 3 का परिक्षण सुरु करेगी और 2021 के सुरुआत में टिका बाज़ार में आ सकता है|India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

आखिर कैसे बनाई जाती है vaccine

HIV की vaccine पर तीन दसको से ज्यादा समय से काम चल रहा है और ये अभी भी क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में है जो vaccine इसके मुकाबले तेज़ी से तैयार हुई उनमे भी कई साल लगे.

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Mumps के लिए vaccine को दुनिया की सबसे तेज़ी से विकसित हुई vaccine में से एक माना जाता है इसे 1960 के दसक में 4 साल के क्लिनिकल ट्रायल के बाद मंजूरी मिली थी.India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

vaccine को तैयार करने में कई स्टेज शामिल होती हैं जो रिसर्च और डेवलपमेंट से सुरु होकर अंतिम डिलीवरी तक जाती है और इसमें आबादी पर बड़े स्तर पर इत्माल किया जाता है इस प्रक्रिया में 2 से 4 साल तक का समय लगता है.

 

और ये Corona Virus की स्थिति में बहुत तेज़ रही है इसके पीछे वजह ये है की चीन की सरकार ने जनवरी में ही वायरस के जेनेटिक सिक्वेंस को साझा कर दिया था जिस समय वायरस केवल चीन में था.India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

और अधिकतम vaccine वायरस के प्रोटीन की जगह उसके जेनेटिक सिक्वेंस पे आधारित होता है रिसर्च और डेवलपमेंट के पुरे होने के बाद, vaccine को जानवरों और पौधों के पर टेस्ट किया जाता है|

 

जानवरों और पौधों पर की जाती है टेस्टिंग

जिससे उनकी क्षमता और कामकाज का आंकलन किया जा सके वैज्ञानिक इस बात को चेक करते हैं की क्या vaccine के जानवरों या पौधों में इम्यून रिस्पोंस पैदा होता है अगर जवाब नहीं होता है तो vaccine का ट्रायल दुबारा स्टेज 1 पर चला जाता है.India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

जिसमे प्रकिया बहुत लम्बी हो जाती है इसके बाद vaccine के विकास में सबसे संवेदल शील और अहम् स्टेज आती है क्योंकी इसमें क्षमता यानि vaccine को इंसानों पर टेस्ट किया जाता है.

 

ऐसे बहुत से कैंडीडेट हैं जो फेज 2 में होकर सफल हो जाते हैं लेकिन स्टेज 3 में असफल रहते हैं ये स्टेज अगले 90 महीने तक या सात साल से ज्यादा का समय लेने की क्षमता रखती है.

 

इंशानी ट्रायल के कई स्टेज और फेज में कामयाब रहने के बाद, vaccine के कैंडीडेट को मैंनूफैच्रिंग की प्रकिया में जाने से पहले रेगुलेटरी समर्थन की जरुरत होती है आम तौर पर इसमें लम्बा वक्त लगता है लेकिन इसे कैसे सर्वाजनिक आपातकाल की स्थिति में समस्या को कम किया जा सकता है|India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

दुनिया में तेज़ी से चल रहा है vaccine पर काम

आम तौर पर किसी भी vaccine को बाजार तक आने से पहले रिसर्च और टेस्टिंग की लम्बी प्रकिया से गुजरना पड़ता है साइंटिस्ट पूरा जोर लगा रहे हैं की किसी भी तरह से नये साल की सुरुआत तक इस घातक वायरस को मिटाने वाली vaccine तैयार कर ली जाये.

 

एक vaccine को डेवलप हो कर बाजार तक पहुचने में कम से कम 2 साल और औसतन 10 साल लगते हैं चिकनपॉक्सा की vaccine 28 साल में तैयार हो सकी थी एफ्रो एशियन देशो में लाखो की जान लेने वाले रोटावायरस की vaccine 15 साल में बनी थी.India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

Corona के चलते युद्ध स्तर पर vaccine बनाने का काम चल रहा है मगर उसमे भी 12 से 18 महीने लगने की उम्मीद है फिर कई अरब डोज़ तैयार करने में और वक्त लागेगा.

 

वैसे भारत में सीरम इंस्टीट्यूट और लन्दन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने vaccine के डोज़ बनाने के लिए हाथ मिलाया है vaccine डेवलप होते ही भारत में इसका प्रोडक्सन सुरु हो जायेगा|

 

vaccine को कैसे मिलता है अप्रूवल

vaccine के क्लिनिकल ट्रायल को पुरे होने के बाद आती है सबसे अहम् स्टेज इसमें सरकार की तरफ से vaccine के लिए अप्रूवल लिया जाता है सरकार के औषधि नियामन प्राधिकरण ट्रायल नतीजों का गहन अध्यन करता है.India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

और ये तय करता है इस vaccine के ट्रायल की अनुमति दी जाए या नहीं हालाकि इतिहास में नज़र डाले तो देशो में बढती महामारी पर काबू पाने के लिए अधिकारिक अप्रूवल से पहले भी vaccine को मान्यता दे दी गयी.

 

जब covid-19 महामारी ने अमेरिका को बुरी तरह से अपनी चपेट में लिया तो इससे निपटने ले लिए सरकार ने ऑपरेसन वार्प स्पीड लॉन्च किया इसका मकसद था हर हाल में जनवरी 2021 तक एक सुरक्षित और असरदार vaccine बनाना.India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine 

 

फैड्रोल फंडिंग के जरिये 4 से 5 कम्पनियों को इस vaccine के प्रोडक्सन का जिम्मा भी दिया जा रहा है किसी भी vaccine बनने के प्रकिया में तेज़ी लाने के लिए कभी कभी 2 फेज का काम एक साथ भी किया जाता है.

 

जैसे कुछ देशो में फेज़ 1 और फेज़ 2 को आपस में जोड़ दिया गया है  और कुछ सौ लोगो पर इसका ट्रायल भी सुरु हो चूका है हलाकि अभी तक Corona महामारी की कोई भी दवा बाज़ार में उपलब्ध नहीं है.

 

India Me Kab Tak Aayegi Corona Vaccine  हेल्लो दोस्तों आज की हमारी इस पोस्ट में आप लोगो ने यह जाना की कैसे हमारे देश के और कई और देश इस Corona vaccine पर काम चल रहा है उम्मीद है की बहुत जल्द इसका रिजल्ट हम सभी के सामने आएगा.

 

अगर आप लोगो को इस पोस्ट से कुछ नया जानने को मिला हो तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को जरुर शेएर करें और कोई सुझाव हो तो हमे कमेंट में जरुर बताएं मिलते है अगली पोस्ट में तब तक के लिए नमस्कार !

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