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isro latest mission, Isro का नया मिशन 2020, isro chandrayaan-2, chandrayaan 2 launch, हिन्दुस्तान की सीमाओ की मजबूत किले बंदी के लिए इसरो  ने एक और बड़ा कदम उठाया है जो न केवल पकिस्तान और चीन बल्कि भारत पर नज़रे टेढ़ी करने वाले देशो के इरादों को आसमान से ही खाक करने का काम करेगा.

 

हिन्दुस्तान की पहरेदारी के लिए इसी साल 10 सबसे शक्ति शाली Satellite launch किये जाने वाले हैं जो अंतरीक्ष से बोडर पे चप्पे चप्पे पर नज़र रख पाएंगे अंतरीक्ष विभाग की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए Isro तेज़ी से काम में जुट गया है.isro chandrayaan-2

 

Isro साल 2020, 2021 के दौरान 10 Earth Obsession Satellite यानि आसमान से धरती की निगरानी करने वाले Satellite launch करेगा साथ ही वो 3  Communication Satellite और दो Navigason Satellite भी launch करेगा|

 

भारत की होगी आसमानी किलेबंदी

Isro की ये नई प्लानिंग बताती है की Isro का ज्यादा फोकस फ़िलहाल देश की सुरक्षा पर है क्युकी पहले Isro जासूसी उपग्रहों के बजाय संचार उपग्रहों पर ज्यादा फोकस करता था लेकिन अब  Earth Obsession Satellite की लम्बी चौड़ी बात ये बताने के लिए काफी है.isro latest mission

 

की Isro के इरादे हिन्दुस्तान के मजबूती के साथ साथ ही दुश्मन को भी पटकनी देने की है क्युकी Space वॉर के दौर में हिन्दुस्तान को नई उचाईयां देने के लिए ये बेहद जरुरी है जिसको ले कर Isro वक्त के साथ कदम ताल कर रहा है.

 

हिन्द महासागर में चीन की सैनिक गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं भारत पकिस्तान सीमा पर आतंकी launch पैड की बढती तादात और घुसपैठी घटनायें देश के लिए बड़ा सिरदर्द है जिनपर चोकस निगाह बनाये रखना बेहद जरुरी है.isro chandrayaan-2

 

लिहाजा आसमान से निरानी करने के लिए Isro ने अपनी प्राथमिकताएँ बदल दी हैं और वो अब जासूसी Satellite पर फुल फोकस कर रहा है|

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जासूसी उपग्रहों की ताबड़तोड़ लौन्चिग़

साल 2019, 2020 के लिए Isro ने 17 Space mission launch करने की योजना बनाई थी इसी वित् वर्ष में प्लान किये गये 6  Earth Obsession Satellite में से Isro ने 4 को launch कर दिया है जो अपना काम बखुबी कर रहे हैं.isro latest mission

 

वही केवल 2 की लौन्चिंग बाकी है जो वक्त पर पूरी हो जाएगी हम आप को ये भी बता दें की साल 2019 के 6 और साल 2020 के 10 जासूसी उपग्रहों से ही Isro का अभियान रुकने वाला नहीं है बल्कि Isro ने इससे भी बड़ा प्लान किया है.

 

अंतरीक्ष एजंसी साल 2021, 2022 में ऐसे 8 और उपग्रह launch करने वाली है ताकि पूरी दुनिया की धडकनों पर धमक बनाई जा सके|isro chandrayaan-2

 

आसमान में भारत की जासूस आँखें

आसमान से भारत की निगरानी करने वाले उपग्रहों का इस्तमाल मिलेट्री परपस के लिए ज्यादा होता है क्युकी असमान से ये जासूस आँखे सेना को कई मोर्चो पर मजबूती देती हैं जमीन पर दुश्मन क्या कर रहा है उसकी ताकत कितनी है और उसकी हर हलचल से सेना वाकिफ हो जाती है इसके जरिये किसी भी छेत्र पर लगातार नज़र बनाये राखी जा सकती है.

 

हलाकि ये उपग्रह सिविल इस्तमाल के लिए भी उतना ही कारगर हैं इनके जरीये अर्बन और रूलर डेवलपमेंट से ले कर भूमि जल और पर्यावरण प्रबंधन के काम बखुबी अंजाम दिए जा सकते हैं इसके जरिये खेती किसानी बागवानी और जंगलो से जुड़े काम बखुबी अंजाम दिए जाते हैं|isro latest mission

 

दुनिया देखेगी GI SAT 1 का तकनिकी तूफ़ान

Isro 2020 में जिन 10  Earth Obsession Satellite को launch करने वाला है उनमे निगरानी की दुनिया का नया तूफान यानि GI SAT 1 भी सामिल है जिसकी तकनिकी क्षमता पूरी दुनिया में नई हलचल पैदा कर देगी क्युकी ये बेहद उच्च तकनीक वाला  Earth Imaging Satellite है.

 

जो धरती की रियल टाइम तस्बीरे लेगा धरती से 36000 किलोमीटर की उचाई पर ये उपग्रह GI SAT 1 धरती के पूरा चक्कर लगा कर हर 2 घंटे में ठीक उसी पॉइंट पर पहुच जायेगा इसे धरती की सबसे तेज़ तस्वीरे ली जा सकेंगी.isro chandrayaan-2

 

यानि किसी भी लोकेसन की सटीक निगरानी हो सकेगी और वो भी बड़े लम्बे वक्त के लिए यानि सेना इसके जरिये दुश्मन की हर हलचल की सटीक जानकारी हासिल कर लेगी और जरुरत पड़ने पर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक को अंजाम दे सकती है|

 

Isro 2020 में लिखेगा नया इतिहास

Isro साल 2020 में नया इतिहास लिखने वाला है क्यिकी Isro अंतरीक्ष में Super high resolution image भेजने वाले Satellite की पूरी सिरीज़ भेजने वाला है अंतरीक्ष में भेजे जाने वाले निगरानी उपग्रहों में बेहद एडवांस radar Imaging Satellite Resat-2br2, Risat-1A और Risat-2A शामिल हैं.isro latest mission

 

जिसमे उच्च चपलता वाला radar लगा है Isro के दुसरे  Earth Imaging Satellite में osan sat3, Resors Sat3, Resors Sat2A, Resors Sat3SA  शामिल हैं risat सिरीज़ वाले उपग्रह हर तरह के मौसम में दिन और रात यानि 24 घंटे अंतरीक्ष से हाई रेजुलेसन वाली तस्वीरे ले सकते हैं.chandrayaan 2 launch

 

जिसे देश की सीमाओ पर नज़र रखना बेहद आसान हो जाएगा ये Satellite रात के अँधेरे और ख़राब मौसम में भी काम करेंगे यानि धरती पर कितना भी ख़राब मौसम हो कितने भी बादल छायें हो इनकी निगाह उन बादलो को चीर कर सीमाओ की स्पष्ट तस्वीरे ले पाएगी.chandrayaan 2 launch

 

ये माइक्रो वेव फ्रीक्वेंसी पर काम करने वाले Satellite हैं इस लिए इन्हें radar Imaging Satellite कहते हैं जो सैन्य बलों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे|

 

सेना को मजबूत कर रहा है Isro

वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक Isro ने 2020, 2021 में Satellites  और लौंचेर्स को मिला कर कुल 36 अंतरीक्ष मिशन तैयार किये हैं जिनमे 3 Space Satellite की लौन्चिग एक तकनिकी प्रदर्सन का टेस्ट दो छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यानो का टेस्ट 10 PSLV 3 GSLV mark 2 1 GSLV mark 3 और अंतरिक्ष में गगन यान की पहली मानव रहित उडान सामिल है.

 

Isro High resolution वाले Satellite यानि HR SAT की एक नई सिरीज़ सुरु करने की योजना बना रहा है जिसमे 3 Satellite एक साथ एक ही pslv के जरिये launch किये जाएँगे और तीनो एक नक्षत्र के रूप में काम करेंगे.chandrayaan 2 launch

 

तीनो उपग्रह अंतरीक्ष में High resolution वाले Pantromatic Multi-Spectral Data का Coverage Systematic अंदाज में दे पाएंगे ये Satellite धरती के 15 किलोमीटर एरिया की एक मीटर से ज्यादा की रेजुलेसन वाली तस्वीरे लेंगे यानि आप एक मीटर की दुरी पर रखी दो वस्तुवो को क्लियर तौर पर पहचान सकते हैं ये तस्वीरे बेहद शानदार मानचित्र बनाने के काम आएँगी|

 

Isro के लिए मोदी सरकार ने खोले दरवाजे

बजट में मोदी सरकार ने साल 2020 के लिए 13 हजार 480 करोड़ रूपए Isro को देने का वादा किया है इनमे से 265 करोड़ रूपए अंतरीक्ष विज्ञानं कटेगरी के लिए और 750 करोड़ रूपए इन SAT Satelliteस कटेगरी के लिए निर्धारित किये गये हैं.isro chandrayaan-2

 

साला 2020 2021 में launch किये जाने वाले ज्यादातर  Earth Obsession Satellites के लिए इन 2 कटेगरी के जरिये ही पैसे दिए जायेंगे अंतरीक्ष में फ़िलहाल Isro के 19  Earth Obsession Satellite और 8 Navigason उपग्रह काम कर रहे हैं जो ब्रोडकास्टिंग टेलीफोन इन्टरनेट मौसम और खेती से जुडी भविष्वाणी सुरक्षा आपदा और Navigason के काम को अंजाम दे रहे हैं.

 

Isro के 3  Communication Satellite पूरी तरह से सैन्य बलों को डेडिकेटेड हैं जो संचार और नेट्वर्किंग के काम को अंजाम दे रहे हैं और अगर ऐसा ही चलता रहा तो भारतीय स्पेस एजंसी का नाम एक बहुत बड़े पैमाने पर दर्ज हो जायेगा|chandrayaan 2 launch

 

Isro का नया मिशन 2020: हेल्लो दोस्तों आज की इस पोस्ट में आप लोगो ने यह जाना की कैसे भारतीय स्पेस एजंसी इसरो अपने नए मिशन को लॉन्च करने की तैयारी में है और कितनी रफ़्तार से काम हो रहा है उम्मीद करता हु की आप लोगो को यह पोस्ट अच्छी लगी होगी.

और इस पोस्ट के माध्यम से कुछ नया जानने को मिला होगा ऐसी ही जानकारी से भरी और पोस्ट पढने के लिए आप हमारी साईट gyannews.in को sabscribe कर सकते है मिलते हैं अगली पोस्ट में तब तक के लिए नमस्कार !

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